अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन (Early Childhood Care & Education)
बच्चे के लिए अर्ली चाइल्डहुड एजुकेशन (Early Childhood Education) सोशल डेवलपमेंट (Social Development) के लिए बहुत ही खास समय होता है। एक रिसर्च के मुताबिक, विकासशील देशों में पांच साल से कम उम्र के बच्चे उतना सब नहीं सीख पाते हैं, जो उन्हें सीखना चाहिए। अर्ली चाइल्डहुड एजुकेशन का मतलब है बच्चे को प्री-स्कूल के पहले विकास संबंधी शिक्षा देना। वहीं, भारत सरकार द्वारा इंटीग्रेटेड चाइल्ड डेवलपमेंट सर्विस (ICDS) है, जिसका उद्देश्य स्कूल शुरू होने से पहले वाली शिक्षा देना है। इसे आम भाषा में आंगनबाड़ी केंद्र भी कहा जाता है।
अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन (Early Childhood Care & Education) क्या है?
अर्ली चाइल्डहुड एजुकेशन में बच्चे व्यवहारिक चीजों का अनुभव करना और सीखना शुरू करते हैं। इस तकनीक को “स्कैफोल्डिंग” कहा जाता है। इसमें बच्चे एक्शन से या उनके साथ हो रहे व्यवहार से सीखते हैं। जैसे बच्चे थाली देख कर जान पाते हैं कि गोल आकार कैसा होता है। आम का फल देख कर सीख पाते हैं कि वह आम है। इसी शिक्षा पद्धति को अर्ली चाइल्ड एज्युकेशन (Early childhood education) कहते हैं।
कोर्स ड्यूरेशन और सिलेबस
अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन (Early Childhood Care & Education) में सर्टिफिकेट कोर्स से लेकर बैचलर डिग्री, पीजी डिप्लोमा, मास्टर डिग्री और पीएचडी लेवल के कोर्स ऑफर किए जाते हैं. सर्टिफिकेट के लिए 10वीं और बैचलर कोर्स के लिए 12वीं पास होना जरूरी है. पीजी डिप्लोमा या मास्टर डिग्री कोर्स में एडमिशन के लिए ग्रेजुएशन (BA/ BSc/ BCom) होना जरूरी है. उम्मीदवार इस फील्ड में बीए, एमए, एमबीए, एमएससी, एमफिल, पीएचडी, रिसर्च, ट्रेनिंग प्रोग्राम्स, आदि कर सकते हैं.
कहां मिलेगी नौकरी?
बच्चों को नैतिक शिक्षा देने के साथ अर्ली चाइल्डहुड एजुकेशन देने के लिए कई संस्थाएं हैं। इसके लिए आप चाहें, तो इन विकल्पों को अपना सकते हैं।
- आंगनबाड़ी केंद्र
- पब्लिक स्कूल
- प्राइवेट स्कूल
- स्पेशल एजुकेशन
- किंडरगार्डेन सेंटर
- डेकेयर
- इन होम नैनी
अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन (Early Childhood Care & Education) में सैलरी
शुरुआती दौर में 25 से 45 हजार रुपये तक की सैलरी मिलेगी. यह आपके अनुभव के साथ बढ़ती जाएगी. लगभग पांच से दस साल के अनुभव के बाद आठ से दस लाख तक का पैकेज हो सकता है.
