फायर एंड सेफ्टी मैनेजमेंट (Fire And Safety Management) कोर्स में जॉब श्योरिटी के साथ ही आगे बढ़ने के मौके तथा अच्छा पैकेज भी मिलता है। हालांकि गाइडेंस के अभाव में बहुत से छात्र अपने सपने को पूरा नहीं कर पाते। वहीं वर्तमान और भविष्य की डिमांड को देखते हुए स्टूडेंट्स द्वारा फायर टेक्नोलॉजी एंड सेफ्टी का कोर्स किया जा सकता है। चार वर्षीय डिग्री कोर्स के बाद सरकारी व निजी उपक्रमों के साथ ही योग्य उम्मीदवार को विदेश में भी अच्छे पैकेज पर नौकरी मिल सकती है।
सबसे पहले यहां आपको जानकारी के लिए हम बता दें कि फायर सेफ्टी मैनेजमेंट कोर्स में कैंडिडेट को आग पर काबू करने की ट्रेनिंग दी जाती है। अगर कहीं पर आग लग जाए तो उसको समय पर नियंत्रित करना बहुत ही जरूरी हो जाता है जिससे कि जान और माल की हानि कम से कम हो। फायर सेफ्टी के अंतर्गत कैंडिडेट को यह पढ़ाया जाता है कि फायर को किस प्रकार से कंट्रोल किया जाता है। इसके लिए उसे अनेकों तरह से ट्रेनिंग दी जाती है ताकि वह आग लगने की स्थिति में घबराएं ना और उसको सफलतापूर्वक नियंत्रित कर लें।

सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस के अनुसार हर सेक्टर में फायर मैनेजमेंट व फायर सेफ्टी की नियुक्ति आवश्यक है। एक्सपर्ट्स के अनुसार भारत और विदेशों में फायर सेफ्टी ऑफिसर की मांग अधिक है और कोर्स करने वाले स्टूडेंट्स की संख्या बहुत कम है।

फायर एंड सेफ्टी मैनेजमेंट (Fire And Safety Management) कोर्स की समय सीमा
फायर एंड सेफ्टी मैनेजमेंट (Fire And Safety Management) में 4 प्रकार के कोर्स किये जा सकते हैं .इन कोर्स की समय सीमा 1 साल से लेकर 4 साल तक के बीच की होती है .

फायर एंड सेफ्टी मैनेजमेंट (Fire And Safety Management) कोर्स – सिलेब
फायर एंड सेफ्टी मैनेजमेंट (Fire And Safety Management) में सर्टिफिकेट कोर्स से लेकर बैचलर डिग्री, पीजी डिप्लोमा, मास्टर डिग्री और पीएचडी लेवल के कोर्स ऑफर किए जाते हैं. सर्टिफिकेट के लिए 10वीं और बैचलर कोर्स के लिए 12वीं पास होना जरूरी है. पीजी डिप्लोमा या मास्टर डिग्री कोर्स में एडमिशन के लिए ग्रेजुएशन (BA/ BSc/ BCom) होना जरूरी है. उम्मीदवार इस फील्ड में बीए, एमए, एमबीए, एमएससी, एमफिल, पीएचडी, रिसर्च, ट्रेनिंग प्रोग्राम्स, आदि कर सकते हैं.

ये हो सकते हैं प्रमुख क्षेत्र :-
प्राइवेट सेक्टर
जो कैंडिडेट फायर सेफ्टी मैनेजमेंट कोर्स कर लेते हैं उन्हें नौकरी के बहुत सारे अवसर प्राइवेट सेक्टर में आसानी के साथ मिल जाते हैं जहां पर वह एक अच्छे वेतनमान पर काम कर सकते हैं। यहां हम आपको जानकारी दे रहे हैं कि कैंडिडेट कौन-कौन से पदों पर काम कर सकता है
फायर ऑफिसर (Fire officer)
फायर सुपरवाइजर (Fire supervisor)
सेफ्टी इंस्पेक्टर (Safety inspector)
सेफ्टी इंजीनियर (Safety engineer)
फायर प्रोटेक्शन टेक्नीशियन (Fire protection technician)
सेफ्टी ऑडिटर (Safety auditor)
सेफ्टी ऑफिसर (Safety officer)
असिस्टेंट (Assistant)

गवर्नमेंट सेक्टर में जॉब्स (Jobs in government sector)
जिस तरह से फायर सेफ्टी मैनेजमेंट कोर्स करने के बाद कैंडिडेट को प्राइवेट सेक्टर में अच्छी नौकरी करने के मौके मिलते हैं ठीक इसी तरह से गवर्नमेंट सेक्टर में भी कैंडिडेट को उसकी योग्यता के आधार पर काम करने का अवसर मिल जाता है। इस तरह कैंडिडेट एयरपोर्ट पर, रेलवे में, डिफेंस,इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड्स, ओएनजीसी, माइन्स, रिफाइनरीज, पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन, मल्टीटाउनशिप, सेफ्टी एंड क्राइसिस मैनेजमेंट, डिपार्टमेंटल स्टोरी में और विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य संगठनों के साथ काम कर सकते हैं।

शुरू कर सकते हैं नए स्टार्टअप
वर्तमान में देश में नए उद्योग आरंभ करने के लिए अनुकूल माहौल बन रहा है, साथ ही विदेशी कंपनियां भी भारत में अपने प्रोजेक्ट स्टार्ट करने की उत्सुक हैं। इससे आने वाले समय में देश में कई नए इंडस्ट्रीज डवलप होंगी जिससे फायर सेफ्टी एक्सपर्ट्स की मांग बढ़ेगी और इस क्षेत्र से जुड़े स्टूडेंट्स भी अपना नया स्टार्टअप शुरू कर सकेंगे।