रूरल मैनेजमेंट (Rural Management):

ग्रामीण लोगों को सामाजिक, मानसिक और राजनीतिक स्तर पर जागरूक करने के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनाने का काम रूरल डेवलपमेंट के अंतर्गत आता है। ग्रामीण लोगों की समस्याओं को समझने तथा उनको दूर करना, मंदी और महंगाई आदि समस्याओं को समझना व इससे उबरने के उपाय तथा आमजन को आए दिन होने वाली चुनौतियों के बारे में बताना व उनका सामना करने के लिए उन्हें तैयार करना भी इस क्षेत्र से जुड़े लोग करते हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं के कार्यान्वयन के साथ रणनीति बनाने एवं उन्हें मैनेज करने के लिए बड़े पैमाने पर प्रोफेशनल्स की जरूरत पड़ रही है। ऐसे में रूरल मैनेजमेंट एक खास तरह का स्पेशलाइजेशन है, जिसे कि करियर के रूप में अपनाना फायदे का सौदा साबित हो सकता है।

इस क्षेत्र में नौकरी के दौरान देश और विदेश में  कैंडिडेट को मिलने वाली सैलरी बहुत हाई होती है .

किसी भी स्ट्रीम के लोग इस कोर्स को कर सकते हैं.

 

क्या है रूरल मैनेजमेंट (Rural Management)

ग्रामीण विकास से सम्बन्धित योजनाओं का सही ढंग से प्रबंधन करना, उनका क्रियान्वयन करना. उन्हें ठीक प्रकार से लागू करने की जिम्मेदारी ग्रामीण विकास अधिकारी की होती है. गांव के लोगों के लिए रोजगार के बेहतर साधन उपलब्ध कराने के अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्र में आर्थिक और सामाजिक स्तर पर विकास की सुविधाएं मुहैया कराना जैसे सारे काम रूरल मैनेजमेंट के अंतर्गत आते हैं.

 

रूरल मैनेजमेंट (Rural Management) कोर्स की समय सीमा

रूरल मैनेजमेंट में 4 प्रकार के कोर्स किये जा सकते हैं .इन कोर्स की समय सीमा 1 साल से लेकर  4 साल तक के बीच की होती है .

रूरल मैनेजमेंट (Rural Management) कोर्स – सिलेबस

रूरल मैनेजमेंट कोर्स (Rural Management Course) में सर्टिफिकेट कोर्स से लेकर बैचलर डिग्री, पीजी डिप्लोमा, मास्टर डिग्री और पीएचडी लेवल के कोर्स ऑफर किए जाते हैं. सर्टिफिकेट के लिए 10वीं और बैचलर कोर्स के लिए 12वीं पास होना जरूरी है. पीजी डिप्लोमा या मास्टर डिग्री कोर्स में एडमिशन के लिए ग्रेजुएशन (BA/ BSc/ BCom) होना जरूरी है. उम्मीदवार इस फील्ड में बीए, एमए, एमबीए, एमएससी, एमफिल, पीएचडी, रिसर्च, ट्रेनिंग प्रोग्राम्स, आदि कर सकते हैं.

 

रूरल मैनेजमेंट में करियर की संभावनाएं

रूरल मैनेजमेंट में नौकरी के कई सारे कई मौके हैं. सरकारी क्षेत्र में इसका स्कोप बहुत विस्तृत है. कई सरकारी और प्राइवेट फील्ड में मैनेजर, कंसल्टेंट, एनालिस्ट या रिसर्चर के रूप में रूरल मैनेजमेंट में नौकरी कर सकते हैं . इसके अलावा रूरल कॉपरेटिव सेक्टर, एग्रीकल्चर से सम्बंधित बिजनेस, फूड एंड एग्रीकल्चर मार्केटिंग जैसी जगहों पर नौकरी मिल सकती है.

 

कई सारी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय एनजीओ में भी नौकरी के बढ़िया मौके मिल सकते हैं. खुद का एनजीओ या ग्रामीण प्रबंधन से जुड़ा स्टार्टअप शुरू करके भी अच्छा करियर बना सकते हैं .

 

रूरल मैनेजमेंट  (Rural Management) में सैलरी

रूरल मैनेजमेंट (Rural Management) से सम्बन्धित प्रोफेशनल की सैलरी अच्छे स्तर की होती है. अनुभव के बाद यह सैलरी पैकेज बढ़ सकता है. औसत सैलरी देखें तो इसकी शुरुआत 3लाख सालाना से शुरू होकर 10लाख तक पहुंच सकती है. अलग अलग पद के हिसाब से अलग अलग सैलरी इस प्रकार हो सकती है .

1.एरिया एक्सक्यूटिव-4 से 5 लाख

2.मार्केटिंग एंड सेल्स मैनेजर-4 से 5 लाख

3.रूरल मैनेजर-1 से 3 लाख

4.सीनियर प्रोग्राम ऑफिसर-4 से 5 लाख

5.रिसर्च हेड-7 से 8 लाख