अस्पतालों से लेकर खेल तक, बीमा से लेकर लॉजिस्टिक्स, इंफ्रास्ट्रक्टर और सुरक्षा तक, हर जगह रिस्क मैनेजमेंट का स्कोप होता है. आप कॉरपोरेट, रियल एस्टेट, निवेश, बैंकिंग व अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में करियर बना सकते हैं. शुरुआती दौर में 20 से 25 हजार रुपये तक की सैलरी मिलेगी. यह आपके अनुभव के साथ बढ़ती जाएगी|

इसमें कंपनी को जोखिम से बचाकर करियर में ग्रोथ हासिल कर सकते हैं.

विदेश की तरह अब भारत में भी ऑफबीट करियर ऑप्शन (Offbeat Career Option) की डिमांड बढ़ गई है. स्टूडेंट्स के पास ऑफबीट करियर ऑप्शन के कई विकल्प मौजूद हैं. अगर आप रिस्क मैनेजमेंट में करियर बनाना चाहते हैं तो आपको इससे जुड़ी हर चीज़ पता होनी चाहिए. जानिए क्या है रिस्क मैनेजमेंट, करियर में मौके और इसमें कितनी सैलरी मिलेगी (Risk Management Salary).

रिस्क मैनेजमेंट क्या है?
कंपनी द्वारा किसी इन्वेस्टमेंट में होने वाले नुकसान का एनालिसिस करके उपयुक्त निर्णय लेना और कपंनी को वित्तीय खतरों से से बचाना रिस्क मैनेजमेंट है. इसमें करियर की कई बेहतर संभावनाएं हैं. करियर में ग्रोथ हासिल करने के लिए रिस्क मैनेजमेंट कोर्स (Risk Management Course) को बेहतरीन विकल्प माना जाता है.

रिस्क मैनेजमेंट के लिए एलिजिबिलिटी क्या है?
रिस्क मैनेजमेंट कोर्स (Risk Management Course) करने के इच्छुक कैंडिडेट को 12वीं में कम से कम 50% अंकों के साथ पास होना चाहिए. कुछ कॉलेज इसके लिए एंट्रेंस एग्जाम लेते हैं, जिनमें पास होने के बाद ही आप वहां एडमिशन ले सकते हैं. वहीं, कुछ में मेरिट के आधार पर भी एडमिशन लिया जा सकता है.

कोर्स ड्यूरेशन और सिलेबस

रिस्क मैनेजमेंट कोर्स (Risk Management Course) में सर्टिफिकेट कोर्स से लेकर बैचलर डिग्री, पीजी डिप्लोमा, मास्टर डिग्री और पीएचडी लेवल के कोर्स ऑफर किए जाते हैं. सर्टिफिकेट के लिए 10वीं और बैचलर कोर्स के लिए 12वीं पास होना जरूरी है. पीजी डिप्लोमा या मास्टर डिग्री कोर्स में एडमिशन के लिए ग्रेजुएशन (BA/ BSc/ BCom) होना जरूरी है. उम्मीदवार इस फील्ड में बीए, एमए, एमबीए, एमएससी, एमफिल, पीएचडी, रिसर्च, ट्रेनिंग प्रोग्राम्स, आदि कर सकते हैं.

कहां मिलेगी नौकरी?
रिस्क मैनेजमेंट में इंटर्नशिप से शुरुआत की जा सकती है. किसी कंपनी में बतौर सीनियर मैनेजर जॉइन करने के लिए 1 -2 साल का वर्किंग एक्सपीरियंस अनिवार्य माना गया है (Risk Management Job). अस्पतालों से लेकर खेल तक, बीमा से लेकर लॉजिस्टिक्स, इंफ्रास्ट्रक्टर और सुरक्षा तक, हर जगह रिस्क मैनेजमेंट का स्कोप होता है. आप कॉरपोरेट, रियल एस्टेट, निवेश, बैंकिंग व अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में करियर बना सकते हैं.

रिस्क मैनेजमेंट में सैलरी
शुरुआती दौर में 30 से 45 हजार रुपये तक की सैलरी मिलेगी. यह आपके अनुभव के साथ बढ़ती जाएगी. लगभग पांच से दस साल के अनुभव के बाद आठ से दस लाख तक का पैकेज हो सकता है.